नर्मदा



नर्मदा, जिसे रेवा के नाम से भी जाना जाता है, मध्य भारत की एक नदी और भारतीय उपमहाद्वीप की पांचवीं सबसे लंबी नदी है। यह गोदावरी नदी और कृष्णा नदी के बाद भारत के अंदर बहने वाली तीसरी सबसे लंबी नदी है। मध्य प्रदेश राज्य में इसके विशाल योगदान के कारण इसे "मध्य प्रदेश की जीवन रेखा" भी कहा जाता है। यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक पारंपरिक सीमा की तरह कार्य करती है। यह अपने उद्गम से पश्चिम की ओर 1,312 किमी चल कर खंभात की खाड़ी, अरब सागर में जा मिलती है।
नर्मदा, मध्य भारत के मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। मैकल पर्वत के अमरकण्टक शिखर से नर्मदा नदी की उत्पत्ति हुई है। इसकी लम्बाई प्रायः 1312 किलोमीटर है। यह नदी पश्चिम की तरफ जाकर खम्बात की खाड़ी में गिरती है।

रजवाड़ा पैलेस, इंदौर :-




रजवाड़ा महल, इंदौर पर्यटन के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। रजवाड़ा, होलकर राजवंश के शासकों की ऐतिहासिक हवेली है।
इस महल का निर्माण लगभग 200 साल पहले हुआ था औरआज तक यह महल पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण रखता है। इस महल की वास्‍तुकला, फ्रैंच, मराठा और मुगल शैली के कई रूपों व वास्‍तुशैलियों का मिश्रण है।

ग्वालियर का किला :-




इस किले पर कई राजपूत राजाओं ने राज किया। इस किले की दीवारों का बहुत अच्छे तरीके से ख्याल रखा जाता था। यहां कई ऐतिहासिक स्मारक जैसे कि बुद्ध और जैन मंदिर, महल (गुजारी महल, मानसिंह महल, जहांगीर o, करण महल, शाहजहां महल) मौजूद हैं।

अमरकंटक :-




पहाड़ियों में स्थित अमरकंटक हिन्दुओं द्वारा बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। यहां स्थित धुनी पानी, नर्मदाकुंड और मंदिर, दूधधारा, कलचुरी काल के मंदिर, कबीर चबूतरा और सर्वोदय जैन मंदिर इसी जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं।

बघेली

 बघेली या बाघेली, हिन्दी की एक बोली है जो भारत के बघेलखण्ड क्षेत्र में बोली जाती है। यह मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, उमरिया, एवं शहडोल,अनूपपुर में; उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद एवं मिर्जापुर जिलों में तथा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एवं कोरिया जनपदों में बोली जाती है। इसे "बघेलखण्डी", "रिमही" और "रिवई" भी कहा जाता है।है। बघेली बोली मे कइ साहित्य भी हैं

निमाड़ी भाषा

निमाड़ी, मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की बोली है। यह क्षेत्र मालवा के दक्षिण में महाराष्ट्र से सटा समीवर्ती क्षेत्र है। निमाड़ी बोलने वाले जिले हैं - बड़वानी, खंडवा, पूर्वी निमाड़, पश्चिमी निमाड़, धार एवम हरदा जिले के कुछ भाग तथा कई गाँव ऐसे है जिनमे निमाड़ी बोली जाती है।

मराठी भाषा

मराठी भारत के महाराष्ट्र प्रांत की इकलौती अधिकारिक राजभाषा है। महाराष्ट्र के बहुसंख्य लोग मराठी बोलते है। भाषाई परिवार के स्तर पर यह एक आर्य भाषा है। मराठी भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है। यह महाराष्ट्र और गोवा की राजभाषा है तथा पश्चिम भारत की सह-राज्यभाषा हैं। मातृभाषियों कि संख्या के आधार पर मराठी विश्व में दसवें और भारत में तिसरे स्थान पर है। इसे बोलने वालों की कुल संख्या लगभग १० करोड़ है। यह भाषा २३०० सालों से अस्तित्व में है और इसका मूल प्राकृत से है।